Rishikesh is the Yoga Capital Of the World located at the bank of holy river ganga in Uttarakhand State. Rishikesh is famous for Yoga and Adventure sports like white river rafting, Bungee jumping, air safari etc. Every year Millions of tourists around the world comes here to learn
Yoga and to explore this awesome city of Uttarakhand State. Yoga City is
located at the bank of Holy river Ganga. This city is having huge Rush
of tourists all around the year. Here are many opportunities of Business
and Tourism. Many people use to come here but they don’t know what are
the places to visit in Rishikesh ? So here we are providing you Best Places to Visit In Rishikesh, Things To Do In Rishikesh with
their Photos and how to reach there. Rishikesh is the only city in
India from where you ca get certification in Yoga to Open a yoga center
and this is the reason people around the world comes here to get
certification in Yoga. Rishikesh is one of the most visited tourist
place in Uttarakhand as well as India. now a days it became best place
for Trekking, Rafting , Bungee jumping and Air Safari also so we can say
it is worth place for Adventure sports lover, Nature lovers,
Photographers, Explorers and Yoga lovers. Below we are mentioning some
worth places to visit in Rishikesh.
this blog is the collection of uttrakhand's nature,cultural, villages photos and many more..
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Tuesday, May 16, 2017
Thursday, August 18, 2016
FOREST RESEARCH INSTITUTE DEHRADUN वन अनुसंधान संसथान देहरादून
वन अनुसंधान संसथान देहरादून , भारतीय वानिकी अनुसन्धान एवं शिक्षा परिषद का एक संसथान है। यह भारत का पहला वानिकी संस्थान है। ऍफ़.आर.आई उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित है। यह अपनी तरह का दुनिया के सबसे पुराने संस्थानों में से एक है।
ऍफ़.आर.आई का इतिहास - ऍफ़.आर.आई १८७८ में डाईट्रिच ब्रांडिस द्वारा बनाया गया था। १९०६ में इसे पुनः स्थापित किया गया।
ऍफ़.आर.आई ४५० एकड़ भूमि में फैला है, जिसमे ६ म्यूजियम भी। हैं यंहा साल भर सैलानी , छात्र , एवं रिसर्चर्स घूमने आते हैं। ऍफ़.आर.आई की मुख्य इमारत ग्रीको और कोलोनियल शैली की वास्तु कला से बने हैं। म्यूजियम - ऍफ़.आर.आई इसके म्यूजियम के लिए भी जाना जाता। है। म्यूजियम प्रत्येक दिन ९:०० प्रातः से शाम ५:०० तक खुले रहते हैं। म्यूजियम का शुल्क २५ अलग से लिया जाता है।
- पथालोजि म्यूजियम
- एंटोमोलोजि म्यूजियम
- नॉन वुड फारेस्ट प्रोडक्ट्स म्यूजियम
- टिम्बर म्यूजियम
- सोशल फॉरेस्ट्री म्यूजियम
- सिल्वीकल्चर म्यूजियम
Monday, August 15, 2016
BADRINATH बद्रीनाथ
बद्रीनाथ उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित ,प्रमुख तीर्थ स्थानों में से एक है। बद्रीनाथ समुद्र तल से ३. १३३ मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह मंदिर भगवान् विष्णु को समर्पित है। बद्रीनाथ दो दो पवर्तों, नर एवं नारायण के मध्य एवं पवित्र नदी अलकनंदा के किनारे बसा है। बद्रीनाथ मंदिर के कपट वर्ष में ६ माह ही खुले रहते हैं जिसमे लाखों लोग देश भर से भगवान् के दर्शन करने आते हैं।
बद्रीनाथ मंदिर का इतिहास - पूर्वजों के अनुसार बद्रीनाथ मंदिर आदि शंकराचार्य द्वारा नंवी शताब्दी में बसाया गया था। यह माना जाता है कि शंकराचार्य यंहा ६ वर्षों तक रहे थे। भगवान् विष्णु ने यंहा पर तपस्या की थी।
बद्रीनाथ में घूमने योग्य स्थान -
- माना गांव
- ब्यास गुफा
- गणेश गुफा
- भीम पुल
- वशुधरा
- तप्त कुंड
MALSI DEER PARK मालसी डियर पार्क
मालसी डियर पार्क एक छोटा चिड़ियाघर है। मालसी डियर पार्क देहरादून शहर से १० किमी की दूरी पर मसूरी रोड पर स्थित है। मालसी डियर पार्क शिवालिक की तलहटी पर स्थित है। यह पार्क अब सबसे अच्छे फैमिली पिकनिक स्पॉट में गिना जाता है। मालसी डियर पार्क मुख्य रूप से हिरन और नील गाय के लिए जाना जाता है पर टूरिस्ट यंहा कई अन्य वन्य जीवों एवं पक्षियों का लुफ्त उठा सकते हैं।
मालसी डियर पार्क १९७६ में बनाया गया था। यह २५ हैक्टयर क्षेत्र में फैला है। मालसी डियर पार्क का दूसरा मुख्य आकर्षण का केंद्र तेंदुआ है जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है। मालसी डियर पार्क वन्य जीवों एवं पक्षियों को अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। यह पार्क छात्रों, फोटोग्राफर्स ,एवं रिसर्चर्स के लिए सबसे लाभदायक है।
मालसी डियर पार्क में कुछ वन्य जीवों की सूची इस प्रकार है
- हिरन
- नील गाय
- तेंदुआ
- शतुरमुर्ग
- बाज
- उल्लू
- तोता
- कछुवा
Friday, August 12, 2016
MUSSOORIE मसूरी
मसूरी - पहाड़ों की रानी भारत के प्रसिद्ध हिल स्टेशनों में से एक है। मसूरी समुद्र तल से २००० मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। मसूरी देहरादून से ३५ किमी की दूरी पर स्थित है। मसूरी १८२० में कैप्टेन यंग द्वारा बसाया गया था। मसूरी का रमणीय दृश्य , मनमोहक वातावरण प्रयेक वर्ष लाखों टूरिस्टों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
पहाड़ों की ठंडी हवा के कारण मसूरी गर्मियों में सैलानियों से भरा रहता है। मसूरी पर्यटन का केंद्र है जिससे यंहा के हज़ारों लोग अपना बिजिनेस चलाते हैं। माल रोड यंहा का प्रसिद्ध आकर्षण का केंद्र है जंहा से पर्यटक जरुरी सामान खरीदते हैं।
मसूरी के मुख्य आकर्षण
- गन हिल
- जॉर्ज एवेरेस्ट
- केम्पटी फॉल
- भट्टा फॉल
- लाइब्रेरी बाजार
- झड़ीपानी फॉल
- दिल्ली से मसूरी २१६ किमी
- देहरादून से मसूरी ३५ किमी
Mussoorie- The Queen Of Hills is one of the most popular Hill Station
of India. Mussoorie is located at a distance of 35 km from DEHRADUN
at the height of 2005 meters above sea level. In 1820, Captain Young of
the British Army was influenced by the beauty of this place and made it
his residence. The name, Mussoorie is derived from plants of
‘Mussoorie’ which were found in abundance here. After its discovery,
this hill station gradually developed as a centre of education,
business, tourism and beauty.
Scenic view , adorable enviornment of Massoorie attracts millions of
tourist around the world every year.This place is over crowded in
summers it is so because of transport facilities and also due to
itsseveral numbers of good places to visit, this place has many good
schools too. There are somany hotels and restaurants at the Mall road
according to your pocket, the Mall stretches fro Picture Palace at its
eastern end to the Public Library at its western, in order to enjoy this
placeleave all your tension behind and take a walk to the Mall road,
eat chat and enjoy roadsideseating stalls like bhutta, bhelpuri boiled
eggs & even momos, this place is for perfect for family friends and
even for honeymoon couples too.
places to visit in Mussoorie
Mussoorie is a well connected by highway. distances from different places is following
places to visit in Mussoorie
- gun hill
- george everest
- bhatta fall
- kempty fall
- Jharipani Fall
- Municipal Garden
- library bazaar
Mussoorie is a well connected by highway. distances from different places is following
- DELHI to MUSSOORIE (216)KM
- DEHRADUN TO MUSSOORIE (35)KM
- CHANDIGARH TO MUSSOORIE (127) KM
- MUMBAI TO MUSSOORIE (1386)KM
Monday, July 4, 2016
BEDNI BUGYAL
बेदनी बुग्याल उत्तराखंड के सबसे बड़े बुग्यालों मै से एक है। बेदनी बुग्याल समुद्र तल से ३३५४ मीटर की उचाई पर स्थित है। बेदनी बुग्याल से त्रिशूल पर्वत का अद्भुत दृश्य सैलानियों का मन मोह लेता है। यह नन्दा राजजात के प्रमुख पड़ावों मई से एक है जहां सैलानी एवं भक्त विश्राम करते हैं। यंहा स्थित बेदनी कुंड के चारों ओर बह्मकमल जो की उत्तराखंड का राज्य पुष्प है , देखा जा सकता है।
कैसे पंहुचें : दिल्ली से बेदनी बुग्याल ३ दिनों मै पंहुचा जा सकता है।
- पहला दिन: दिल्ली -हरिद्वार - ऋषिकेश
- दूसरा दिन : ऋषिकेश -कर्णप्रयाग - मुन्दोली
- तीसरा दिन : मुन्दोली - वान -बेदनी बुग्याल
Saturday, July 2, 2016
धान की रोपाई Transplantation of paddy
धान की रोपाई उत्तराखंड के लोगों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। धान की रोपाई लोगों में ऊर्जा एवं उस्ताह जागृत कर देता है। वहीं बच्चे भी इस कार्य का भरपूर आनंद हैं एवं पानी खेलते हैं। धान की रोपाई में परिवार के सभी सदस्य एकजुट होकर काम करते हैं जो कि इसे और भी अच्छा बना देता है।
धान रोपाई मुख्य रूप से जुलाई माह में होती है। अच्छी धान की फसल के लिए धान के पौधे को लगभग १० इंच की दूरी पर लगाया जाता है।
उत्तराखंड के सभी मैदानी भागों में धान की खेती की जाती है जो की यहाँ के लोगों की जीविका का आधार भी है।
मैदानी भागों के अलावा पहाड़ी भागों में भी धान की खेती की जाती है।
Chamoli and Pithoragarh cloudbrust
भारी बारिश के चलते उत्तराखंड के कई स्थानों में बदल फटने की घटना सामने आई है। मुख्य रूप से चमोली एवं पिथौरागढ़ प्रभावित हुए हैं। लगभग ३० लोगों ने अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। यह खबर जुलाई २०१६ की है। चमोली एवं पिथौरागढ़ आपदा से जूझ रहे हैं। कई लोगों के घर आपदा के चपेट आ गए हैं। कई मवेशियों की भी हानि हुई है। सरकार ने NDRF ,ITBT एवं अन्य बल को भेज दिया है।
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